xxx “साथ वाली गर्म टीचर चुदाई” देसी हिंदी सेक्स कहानी तब शुरू हुई जब मैं सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी करने लगा। यह मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा छुपाकर रखना चाहता था पर आज मन हुआ कि शेयर कर दूं।
हैलो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और मैं एक सरकारी स्कूल टीचर हूं। मेरी उम्र 25 साल है। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
दोस्तों मुझे बचपन से ही सेक्स में बहुत रूचि है और आज जो मैं यह घटना आपको बताने जा रहा हूं यह मेरी पहली शेयरिंग है और मैं इस तरह की xxx चुदाई कहानी बहुत शौक से पढ़ता हूं।
दोस्तों वैसे मैं हर वक्त किसी न किसी को चोदने के जुगाड़ में लगा रहता हूं और अपनी कमाई के लगभग सारे पैसे लड़कियों में ही उड़ा देता हूं।
फिर मैं अपनी कमाई बढ़ाने के लिए पास के ही एक गांव के सरकारी स्कूल में इंग्लिश के 4 पीरियड लेने लगा और वहां की लड़कियों को देखकर अपने लंड को खड़ा करने लगा और घर पहुंच कर मुठ मारने लगा।
दोस्तों वहां पर भी मेरे साथ कुछ ऐसी ही एक घटना हुई जो मैं आपको सुनाने जा रहा हूं।
मैं हर रोज की तरह उस दिन भी अपने स्कूल गया और हाफ टाइम में मैंने देखा कि एक मस्त बड़ी गांड वाली औरत जिसकी उम्र 30-32 साल की होगी वो आगे की तरफ चली आ रही थी और वो सीधा हेड मास्टर के रूम में गई और थोड़ी देर बाद वो वापस चली गई। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
तो मैं उसकी मोटी गांड को हिलते हुए देख रहा था और मेरी आंखें तो उस पर से हट नहीं रही थीं।
फिर जब इधर उधर से मैंने उसके बारे में पूछा तो पता चला कि वो अभी कुछ समय पहले ही नई नौकरी पर आई है और मैंने तभी से उसको चोदने के सपने देखने शुरू कर दिए।
उसके गोरे बदन ने मेरी हालत खराब कर दी और मैंने उस रात में उसके नाम पर दो बार मुठ मारी और ऐसे ही तीन चार दिन गुजर गए।
लेकिन वो नहीं आई और मैं बहुत बेचैन सा रहने लगा।
फिर दूसरे दिन वो स्कूल टाइम पर आ गई और हम लोगों ने हाय हेलो किया।
वो साड़ी पहनकर आई थी जिसमें वो एकदम पटाखा लग रही थी और वो भी शादीशुदा थी।
लेकिन उसके गोरे गोरे फूले हुए गाल पतले गुलाबी होंठ बड़ी बड़ी नशीली आंखें पतली कमर गदराया बदन वो बिल्कुल अप्सरा सी लग रही थी।
तो मैंने सोचा कि शायद इसका पति इसको रोज चोदता होगा। यह क्या मस्त है। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
फिर मैं उससे हाफ टाइम में मिला।
उससे मैंने थोड़ी बात की और उसके बारे में पूछा तो पता चला कि वो मेरे घर के पास के ही एक मोहल्ले से आती है।
फिर मैंने उससे कहा कि आप सुबह की बस से आया करो उसमें भीड़ नहीं होती और वो अगले दिन से ही उसी बस में आने लगी और मैं उसके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारने की कोशिश करता।
फिर एक दिन छुट्टी हुई और हम सब टीचर बस का इंतजार कर रहे थे।
फिर कुछ देर बाद बस आई लेकिन उसमें बहुत भीड़ थी और मैं झट से चढ़ गया और पीछे से सब चढ़े जैसे ही वो चढ़ी तो मैं उसके पीछे खड़ा हो गया और उसकी गांड मेरे लंड के सामने थी।
मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
फिर अचानक बस एक दूसरी बस को साइड देने के लिए मुड़ी तो झटका लगा और मैंने उस बात का फायदा उठाया और तना हुआ लंड उसकी गांड में सटा दिया।
दोस्तों उसकी गद्देदार गांड में लंड चुभा तो मैं मस्त हो गया।
फिर कुछ दिन ऐसे ही गुजर गए लेकिन मैं उसके साथ कुछ नहीं कर पा रहा था और एक दिन वो बोली कि सर आज मैं एक स्कूटी खरीद रही हूं अपना साधन होगा तो हमारी आने जाने की समस्या खत्म हो जाएगी।
तो मैंने कहा कि यह तो बहुत अच्छा है।
फिर मैंने कहा कि मिठाई खाएंगे।
फिर उसने मुझे शाम घर पर बुलाया और मैं घर पर पहुंचा तो वो मैक्सी पहने हुए मिली। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
वो मेरे लिए पानी लेने गई तो पीछे से उसकी मैक्सी गांड में फंसी देखकर मुझे उसकी गांड की गहराई का अंदाजा लगने लगा।
फिर हमने बैठकर थोड़ी इधर उधर की बात की तभी उसके पति आ गए।
हम लोगों ने हेलो किया और थोड़ी देर बातें हुईं।
फिर वो बोले कि सर आप संगीता के साथ स्कूटी पर जाया करो ना आप दोनों का आधे आधे पेट्रोल में काम हो जाएगा।
मैं तो उनकी बात पर बिल्कुल भी यकीन नहीं कर पा रहा था और फिर मैंने जल्दी से बिना कुछ समझे हां कर दी और मैंने कहा क्यों आपको स्कूटी चलानी आती है।
वो बोली कि जी नहीं मुझे सीखना है तो उनके पति बोले कि मैं सिखा दूंगा।
मैंने कहा कि नई स्कूटी है और हमें कल ही स्कूल जाना चाहिए चलो मैं चलाऊंगा और आप पीछे बैठना।
तो वो हंसकर बोले कि अरे भाई हमारी बीवी को कहीं पटक ना देना तो मैंने कहा कि अरे आप उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करिए यह जैसी जाएगी वैसी ही वापस आएगी।
फिर उसने मुझे सुबह जल्दी आने को कहा और मैं अपने ठीक टाइम पर पहुंच गया। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
स्कूटी पर उसको अपने पीछे बैठा लिया और फिर निकल पड़ा।
मैंने सोचा कि रास्ते में ब्रेक मारकर मजा लूंगा लेकिन फिर लगा शुरुआत में ही यह सब नहीं करना वरना काम बिगड़ जाएगा और हम लोग आराम से बातें मजाक करते गए और आए।
एक दिन जब मैं उनको लेने उनके घर पर गया तो उस दिन वो बोली कि आज मैं चलाऊंगी।
मैंने कहा कि ठीक है और हम दोनों निकल पड़े।
वो थोड़ा डरते हुए चला रही थी 13 किलोमीटर का रास्ता था और रास्ते में वो बोली कि मेरी कलाई दुखने लगी।
तो मैंने कहा कि आप आगे ही रहो मैं पीछे से हैंडल पकड़ता हूं।
वो थोड़ा झिझकी लेकिन तब तक मैंने हैंडल पकड़ लिया था और इस बहाने से मैं पहली बार उसकी पीठ के इतना नजदीक हुआ कि उसके बदन की खुशबू आने लगी और मैंने उसकी बाहों और बड़े बड़े बूब्स का मजा लिया जो कि मेरे हाथ को छू रहे थे।
फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा आगे किया और लंड को उसकी गांड के पास ले गया। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
मुझे बहुत मजा आ रहा था और स्कूल से लौटते वक्त भी वो ही ड्राइव कर रही थी।
तभी अचानक से एक सुनसान जगह पर उसने स्कूटी रोकी और बोली कि सर थोड़ा रुकिए मैं अभी आती हूं और वो सड़क के किनारे गई और पौधों के पीछे जाकर साड़ी ऊपर करके पेशाब करने लगी।
मैंने पीछे से देखा तो उसकी गोरी जांघें और पैंटी का नजारा देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।
जब वो वापस आई तो मैंने उसे सीधा अपनी तरफ खींच लिया और उसके होंठों पर किस कर दिया।
वो पहले तो घबरा गई लेकिन फिर मेरे साथ देने लगी।
मैंने उसके बूब्स दबाए और कहा कि संगीता मैं तुम्हें बहुत चोदना चाहता हूं। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
उसने शरमाते हुए कहा कि राहुल यहां नहीं कोई देख लेगा।
फिर हम दोनों स्कूटी पर बैठकर एक सुनसान जगह की तरफ निकल पड़े जहां घने पेड़ थे।
वहां पहुंचकर मैंने उसे उतारा और सीधा उसके कपड़े उतारने लगा।
उसकी साड़ी ब्लाउज ब्रा सब उतार दी और उसके बड़े बूब्स बाहर आ गए।
मैंने उनको चूसना शुरू कर दिया और वो कराहने लगी।
फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चुत को देखा जो पहले से गीली हो चुकी थी।
मैं घुटनों पर बैठ गया और उसकी चुत चाटने लगा।
वो बहुत जोर से सिसकारियां भर रही थी और मेरे सिर को अपनी जांघों में दबा रही थी। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
कुछ देर चाटने के बाद मैं खड़ा हुआ और अपना लंड बाहर निकाला।
उसने लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगी फिर मुंह में ले लिया।
वो अच्छे से लंड चूस रही थी और मैं उसके बाल पकड़कर मुंह में चोद रहा था।
फिर मैंने उसे झुकाया और पीछे से उसकी चुत में लंड डाल दिया।
एक झटके में पूरा लंड उसकी चुत में घुस गया और वो चीख पड़ी।
मैं जोर जोर से उसे चोदने लगा और वो चुदवाती हुई कह रही थी कि और जोर से चोदो राहुल।
वो एक नंबर की चुदक्कड़ निकली और मुझे भी पूरा मजा आ रहा था।
मैं उसके बूब्स पकड़कर पीछे से तेज तेज चोद रहा था। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
कुछ देर बाद मैंने पोजीशन बदली और उसे ऊपर चढ़ाया।
वो मेरे लंड पर बैठकर खुद चुदवाने लगी और उसके बूब्स उछल रहे थे।
मैं नीचे से जोर से धक्के दे रहा था।
फिर मैंने उसे कुत्ते की स्टाइल में चोदा और उसकी गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोदते रहे।
आखिर में मैंने उसकी चुत में ही झड़ दिया और वो भी साथ में झड़ गई।
इसके बाद हम दोनों रोज स्कूटी पर जाते वक्त ऐसे ही चुदाई करते।
कभी स्कूल के बाद कभी रास्ते में कभी उसके घर पर जब पति नहीं होता।
वो बहुत शौकीन थी चुदाई की और मुझे भी उसकी चुत बहुत पसंद थी।
हम दोनों एक दूसरे को चोदते चुदवाते बहुत एंजॉय करते। साथ वाली गर्म टीचर की चुदाई
तो दोस्तों यह थी मेरी साथ वाली टीचर संगीता की जमकर चुदाई वाली घटना।
अगर आपको पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना कि कैसी लगी ये xxx भाभी चुदाई कहानी नहीं बल्कि टीचर वाली गर्म चुदाई।
मैं अपनी अगली सच्ची घटना भी जल्दी शेयर करूंगा जो और भी हॉट है। टीचर की चुदाई, टीचर की चुदाई, टीचर की चुदाई