दोस्त की चुदक्कड़ भाभी के साथ अनगिनत रातें

दोस्तों ये मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैं सालों से अपने सीने में छुपाकर रखना चाहता था पर आज मैं आपको ये देसी हिंदी सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ जो मेरी जिंदगी का सबसे हॉट पल था।

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी चुदाई कहानी शुरू होती है जब मैं अपने सबसे करीबी दोस्त राकेश के घर आना जाना करता था। मेरा नाम अंकित है और मैं कानपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 27 साल है और मैं एक प्राइवेट आईटी कंपनी में काम करता हूँ।

राकेश मेरा कॉलेज का दोस्त था और हम दोनों परिवार की तरह थे। उसके घर में उसकी मम्मी पापा उसका भाई अमित भाभी निशा और उनकी दो छोटी बेटियाँ रहती थीं। राकेश के पापा सरकारी नौकरी में थे मम्मी घर संभालती थीं और अमित भाई प्राइवेट जॉब करते थे।

भाभी निशा की उम्र 32 साल थी लेकिन कोई देखकर नहीं कह सकता था कि वे दो बच्चों की माँ हैं। उनका फिगर 36-26-38 था। वे हमेशा साड़ी पहनती थीं और साड़ी का ब्लाउज उनके बड़े बड़े बूब्स को कसकर रखता था। उनकी खुली कमर देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता था।

मैं उनके घर जाता तो भाभी कुछ न कुछ काम में लगी रहतीं। कभी पोछा लगाते वक्त उनकी भारी गांड साड़ी से बाहर झाँकती तो मेरा मन चोदने का हो जाता। लेकिन मैं उन्हें हमेशा भाभी की नजर से ही देखता था क्योंकि राकेश की माँ मुझे बेटे की तरह मानती थीं।

भाभी की बेटियाँ स्कूल जाती थीं और राकेश उन्हें छोड़ने लेने जाता था। एक दिन राकेश नई स्कूटी लेकर आया और बोला कि नंबर 1001 लिया है। कुछ दिन बाद मैं उनके घर गया तो अमित भाई भाभी को स्कूटी सिखा रहे थे। मैंने कहा वाह भाभी आप सीख गईं तो वे बोलीं हाँ अब बच्चों को स्कूल छोड़ने में आसानी होगी।

थोड़े दिन बाद राकेश को कॉल सेंटर की नौकरी लग गई। अब वह शिफ्ट में काम करता और घर कम आता। मैं जब जाता तो भाभी ही बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती दिखती। एक महीने पहले की बात है मैं बाजार शॉपिंग करने गया। पार्किंग में मैंने 1001 नंबर की स्कूटी देखी।

मैंने सोचा राकेश आया होगा और उसे कॉल किया लेकिन उसने नहीं उठाया। मैं मॉल के अंदर गया ढूँढा लेकिन नहीं मिला। बिल की लाइन में खड़ा था तभी मेरी नजर पास वाले काउंटर पर पड़ी। वहाँ निशा भाभी खड़ी थीं।

वे किसी लड़के के साथ थीं और बातें कर रही थीं। फिर वह लड़का कार लेकर आया और भाभी उसमें बैठकर चली गईं। स्कूटी वहीं खड़ी रही। मैंने सोचा शायद कोई रिश्तेदार होगा और ध्यान नहीं दिया।

कुछ दिन बाद शाम को 7 बजे मैं उनके घर गया। सब थे सिर्फ राकेश नौकरी पर था। अमित भाई सोफे पर बैठे थे और भाभी सब्जी काट रही थीं। भाभी पानी लेकर आईं तो मैंने धन्यवाद कहा।

फिर मैंने कहा भाभी थोड़े दिन पहले मैंने आपको बिग बाजार में देखा था। वे चौंक गईं और मेरी तरफ देखने लगीं। मैंने कहा आप बिल लाइन में थीं। अमित भाई ने पूछा कब तो मैंने बताया।

भाभी ने इशारे से होंठ पर उंगली रखकर चुप रहने को कहा। मैंने बात पलट दी और कहा भाभी आपने लाल ड्रेस पहनी थी न। अमित बोले वे तो ड्रेस पहनती ही नहीं। मैंने कहा शायद कोई और होगी।

फिर मैं घर चला गया। रात को मेरा फोन बजा। अननोन नंबर था। मैंने उठाया और हैलो कहा। उधर से कोई लड़की बोली हैलो। मैंने पूछा कौन तो उसने कहा मैं निशा हूँ।

मैंने कहा कौन निशा तो बोलीं अरे यार मैं राकेश की भाभी। मैं हैरान रह गया और बोला ओह हाँ भाभी बोलिए सॉरी आवाज पहचान नहीं पाया।

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी निशा बोलीं सुनो तुमने बिग बाजार में मुझे ही देखा था। मैं चुप रहा। उन्होंने कहा वो मेरे रिश्तेदार नहीं था। मैंने पूछा तो कौन था।

वे हँसीं और बोलीं वो मेरा दोस्त है। मैंने कहा भाभी ये क्या बात है। उन्होंने कहा तुम मत बताना किसी को। मैंने वादा किया। फिर बातें बढ़ीं।

भाभी ने कहा तुम्हें मेरी याद आती है क्या। मैंने कहा हाँ भाभी आप बहुत हॉट लगती हो। वे बोलीं तो फिर आओ घर। मैं अगले दिन गया।

घर में कोई नहीं था। बच्चों को स्कूल भेज दिया था। भाभी ने मुझे अंदर बुलाया। मैंने दरवाजा बंद किया। वे मेरे पास आईं और बोलीं अब बताओ क्या देखा था।

मैंने उन्हें बताया। वे हँस पड़ीं और बोलीं तुम्हारा लंड खड़ा हो गया होगा न। मैं शर्मा गया। उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रख दिया।

मेरा लंड फटने लगा। मैंने उन्हें खींचकर किस किया। उनके होंठ मीठे थे। हम चोदते हुए बेडरूम गए।

मैंने उनकी साड़ी खोल दी। ब्लाउज उतारा। उनके बड़े बूब्स बाहर आए। मैंने चूसना शुरू किया। भाभी चुदवाती हुईं moans करने लगीं।

वे चुदक्कड़ थीं। उन्होंने मेरी पैंट खोली और मेरा लंड बाहर निकाला। बोलीं वाह कितना मोटा लौड़ा है।

वे घुटनों पर बैठ गईं और मेरा लंड मुँह में ले लिया। मैंने उनके बाल पकड़े और चुदवाने लगा।

फिर मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। उनकी चुत पर उंगली फेरी। वे गीली थीं। मैंने अपना लंड उनकी चुत पर रखा और धीरे से चोद दिया।

दोस्त की चुदक्कड़ भाभी चीखीं आह अंकित चोद मुझे। मैं तेज तेज चोदने लगा। उनकी चुत मेरे लंड को निचोड़ रही थी।

हम दोनों चोदते रहे। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारा। वे बोलीं और जोर से चोद।

मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में चोदा। लंड पूरी तरह चुत में घुसा रहा था। भाभी चुदाई का मजा ले रही थीं।

कुछ देर बाद मैं उनकी चुत में झड़ गया। वे भी साथ आईं। हम दोनों थके हुए लेटे रहे।

इसके बाद हम रोज चोदने लगे। जब भी घर खाली होता भाभी मुझे बुला लेतीं। वे सच में चुदक्कड़ भाभी थीं।

एक दिन अमित भाई बाहर गए थे। मैंने भाभी को किचन में चोद दिया। वे प्याज काट रही थीं। मैंने पीछे से साड़ी ऊपर की और लंड डाल दिया।

वे चुदवाती हुईं बोलीं अंकित तुम्हारा लंड कितना अच्छा है। मैं तेज चोदता रहा।

राकेश को कुछ पता नहीं चला। हमारी चुदाई दिन रात चलती रही। भाभी ने मुझे बोला कि अब तुम ही मेरे लंड के मालिक हो।

मैंने उनकी चुत को बार बार चोदा। कभी बाथरूम में कभी बालकनी में। वे हर बार चुदवाने को तैयार रहतीं।

एक रात मैं रुका हुआ था। राकेश नाइट शिफ्ट पर था। भाभी ने मुझे अपने बेडरूम में बुलाया।

उस रात हमने पूरा समय चुदाई में बिताया। मैंने उनके बूब्स चूसे चुत चाटी और लंड से चोदा।

वे चीखती रहीं आह चोद मुझे जोर से। मैंने तीन बार उनकी चुत में झड़ा।

भाभी चुदक्कड़ बन गईं। वे अब हर वक्त मेरे लंड की भूखी रहतीं।

मेरी और भाभी की चुदाई का सिलसिला चलता रहा। दोस्तों ये थी मेरी छुपी हुई भाभी चुदाई कहानी।

दोस्तों ये मेरी अपनी सच्ची रोमांटिक चुदाई है अगर आपको पसंद आई तो कमेंट करके जरूर बताना और अपनी कहानी भी शेयर करना।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments