दोस्तों, ये मेरी वो सच्ची घटना है जिसे मैंने सालों से अपने दिल में छुपाकर रखना चाहता था लेकिन आज मैं आपको अपनी देसी हिंदी सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसमें मेरे पापा ने प्रिया मामी को चोदा था और मैंने पूरा शो देखा था।
मेरा नाम विक्रम है और मैं आपको ये सब अपनी जुबानी बता रहा हूँ जैसे कोई दोस्त को अपनी जिंदगी की बात शेयर कर रहा हो।
मेरी पिछली घटना में मैंने प्रिया मामी को चोदा था और तब मामी ने मुझे बताया था कि मेरे पापा भी उन्हें चोदते हैं।
मैंने मामी से कहा था कि प्लीज अगली बार जब पापा आपको चोदने वाले हों तो मुझे फोन कर देना क्योंकि मुझे आपकी और पापा की चुदाई देखनी है।
प्रिया मामी का फिगर करीब 36-32-37 का था उनकी हाइट 5 फीट 5 इंच थी और उनका रंग बहुत गोरा था जो देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।
एक दिन हम गर्मियों की छुट्टियों में लखनऊ में मेरे ननिहाल गए हुए थे।
मम्मी और नानी शॉपिंग करने चली गई थीं और मामा अपने काम से बाहर गए थे।
घर पर सिर्फ मैं पापा और प्रिया मामी ही थे।
पापा ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर शॉपिंग पर नहीं गए थे।
पापा ऊपर वाले कमरे में लेटे हुए थे और मैं नीचे ड्राइंग रूम में टीवी देख रहा था।
प्रिया मामी किचन में अपना काम कर रही थीं।
तभी मामी किचन से जल्दी से भागती हुई आईं और बोलीं बाबू आज आपकी ख्वाइश पूरी हो सकती है।
मामी बचपन से मुझे प्यार से बाबू बुलाती हैं।
मैंने पूछा वो क्या।
मामी बोलीं अरे आपके पापा बीमार नहीं हैं वो सिर्फ बहाना बना रहे हैं और मामी हंसने लगीं।
मैंने कहा अरे वाह तो फिर जाओ ना जल्दी।
इससे पहले कि मैं कुछ और बोलता मामी बोल पड़ीं आप क्या अपने पापा को बेवकूफ समझते हो या अपने आप को ज्यादा होशियार।
और आप क्या सोचते हो अगर आप यहां रहोगे तो वो मेरे साथ कुछ करेंगे कभी नहीं।
मैंने पूछा तो अब क्या करें।
मामी ने मुझे घर की दूसरी चाबी पकड़ा दी और कहा आप आधे घंटे बाद लौटकर वापस आ जाना और हंसने लगीं।
मैं जा ही रहा था कि अचानक याद आया अरे मामी लेकिन मैं चुदाई का सीन कैसे देखूंगा क्योंकि कमरा तो लॉक होगा ना।
मामी बोलीं बाबू मुझे तो लगा कि आप बड़े हो गए हो लेकिन नहीं आप बच्चे के बच्चे हो अरे मेरे और ऊपर के कमरे का बाथरूम एक ही है समझे कुछ मेरे भोलू।
मैंने कहा पापा को अगर आवाज आ गई तो।
मामी बोलीं कैसी आवाज।
मैंने कहा अरे मैं बाथरूम से आपको देखूंगा तो बाथरूम में मेरे चलने वगैरह की आवाज।
मामी बोलीं अरे मेरी आवाज के सामने जीजा जी को कुछ नहीं सुनाई देगा तुम बिल्कुल चिंता मत करो बस एंजॉय करो।
फिर उन्होंने मुझे एक शरारती स्माइल दी और मैं वहां से चला गया।
पूरे वक्त मैं यही सोचता रहा कि अब क्या होगा।
फिर आधे घंटे बाद जैसे ही मैं घर लौटने लगा हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग आंटी रहती हैं जो मेरी नानी की दोस्त हैं।
उन्होंने मुझे रोक लिया और हाल चाल पूछने लगीं तो मैं घर जाने की जल्दी मचाने लगा।
उन्होंने जबरदस्ती मुझे अपने घर में बैठा लिया।
जैसे तैसे मैं 20-25 मिनट बाद वहां से निकला और भागकर घर में घुसा।
मुझे अब पूरा यकीन था कि मेरा थोड़ा शो तो खत्म हो ही गया होगा।
जैसे जैसे मैं सीढ़ियों से ऊपर जाने लगा वैसे वैसे मुझे उन लोगों की आवाजें आने लगीं मामी मोनिंग कर रही थीं।
फिर मैं धीरे से पास वाले कमरे में घुसा और बाथरूम में बिना आवाज के अंदर घुस गया।
मैंने देखा कि मामी ने पहले से ही बाथरूम के गेट पर एक छोटा सा होल किया हुआ था।
वो होल बहुत छोटा था लेकिन उससे पूरा कमरा साफ दिख रहा था।
मैं उनकी आवाजें सुन सुनकर ही अपना लंड खुजाने लगा था।
फिर जैसे ही मैंने होल से बाहर झांका तो मेरे सामने जन्नत थी।
पापा बेड पर पूरे नंगे लेटे हुए थे और प्रिया मामी पापा का लंड बड़े मजे से चूस रही थीं।
मेरे अंदर एक करंट सा दौड़ गया और मैं जोर जोर से अपना लंड हिलाने लगा।
लेकिन मुझे अफसोस भी हो रहा था कि मेरा आधा शो निकल गया।
मामी जोर जोर से पापा का लंड चूस रही थीं और अजीब अजीब सी आवाजें निकाल रही थीं।
मामी इतनी जोर से लंड चूस रही थीं कि पुच पुच की आवाज आ रही थी।
अभी मामी को लंड चूसते हुए 2 मिनट ही हुए होंगे कि पापा ने मामी के बाल पकड़कर अपनी तरफ खींचा और उनके होंठ चूसने लगे।
दोनों एक दूसरे के होंठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे खा ही जाएंगे।
फिर 5 मिनट किस करने के बाद पापा ने कहा कि मेडम जी तैयार हो जाइए।
पापा मेरी प्रिया मामी को हमेशा मेडम जी कहते हैं क्योंकि शादी से पहले मामी ने कुछ साल नर्सरी के बच्चों को पढ़ाया था।
मामी बोलीं आपके लिए तो मैं हमेशा तैयार ही रहती हूं जीजा जी।
तो पापा ने मामी को लेटाया और उनके ऊपर आ गए।
पापा अपना 7 इंच का लंड मामी की चूत पर रगड़ने लगे।
एक हाथ से मामी की चूत को सहलाकर उन्हें गरम करने लगे।
जब थोड़ी देर बाद पापा को लगा कि मामी गरम हो चुकी हैं तो पापा ने लंड को चूत पर रखकर एक जोर का धक्का दिया और मामी को चोदने लगे।
लेकिन 2-4 धक्कों के बाद लंड फिसलकर बाहर आ गया।
मामी बोलीं जीजा जी थोड़ा आराम से चोदो मुझे।
फिर मामी ने एक हाथ से पापा का लंड अपनी चूत पर सेट किया।
मामी एक हाथ से पापा की गांड पर हाथ रखकर उन्हें अपनी तरफ धकेल रही थीं।
लेकिन पापा अपने आप को हिलने भी नहीं दे रहे थे।
मामी बोलीं अरे जीजा जी प्लीज और मत तड़पाइए ना।
फिर पापा ने एक जोरदार झटका मारा और पापा का 7 इंच का लंड आधे से भी ज्यादा मामी की चूत में समा गया।
मामी की चूत बहुत गीली और खुली हुई थी तो उन्हें ज्यादा दर्द नहीं हुआ।
लेकिन वो थोड़ा थोड़ा मोन कर रही थीं तो पापा ने धीरे धीरे धक्के देना शुरू किया।
मामी ने पापा को पूरा अपने से चिपका लिया और उन्हें एकदम टाइट पकड़ कर गले लगा रखा था।
मुझे उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था मानो हवा भी उन दोनों के बीच से नहीं निकल सकती।
लेकिन मेरी तरफ उनका मुंह नहीं था।
मुझे सिर्फ पापा का लंड मामी की चूत के अंदर बाहर होता हुआ साफ साफ दिख रहा था।
फिर पापा ने धीरे धीरे धक्के और तेज कर दिए।
मामी भी आहें भरने लगीं और सिसकियां लेने लगी थीं अहह ईईई उफ्फ हां और अंदर जीजा जी आज के जैसा मौका पता नहीं फिर कब मिले आह आह।
और वो भी अपनी गांड उठा उठाकर पापा का साथ देने लगीं।
पापा बोले अरे मेडम जी आज मैं आपको ऐसे चोदूंगा कि आप बहुत टाइम तक मुझे याद रखेंगी और दोनों हंसने लगे।
फिर बीच बीच में मुझे पापा के भी चिल्लाने की आवाज आती आह तो मैं सोचता यह पापा को क्या हुआ कितना दम लगा रहे हैं।
क्योंकि पापा मामी की चूत बहुत जोर से मार रहे थे।
और मुझे ऐसा लग रहा था मानो आज वो उनकी चूत को फाड़ ही देंगे।
मुझे तो बस अच्छे से मामी की चूत और उसमें जाता हुआ पापा का लंड दिख रहा था।
लेकिन थोड़ी देर बाद मेरा ध्यान गया कि मामी पापा की कमर पर हाथ घुमा रही हैं और बीच बीच में नाखून भी गड़ा रही हैं।
फिर पापा को मामी को चोदते हुए 5-7 मिनट हुए होंगे कि मामी ने अपने दोनों पैर पापा की कमर पर कस लिए।
और उन्हें पूरा अपने हाथ पैर से जकड़ लिया।
पापा ने अपनी स्पीड इतनी तेज कर ली कि मैं भी उन्हें देखकर हैरान हो गया कि पापा इस उम्र में भी कितना जोर से चोदते हैं।
फिर 5 मिनट तक एकदम तेज स्पीड में मामी को चोदते रहे।
पूरा कमरा केवल दोनों की आह अहह की आवाज और पापा के आंड की मामी की गांड से टकराने की आवाज से भर गया ठप ठप उहह उहह।
मैं तो यहां पर अपना पानी एक बार दीवार पर छोड़ भी चुका था लेकिन अभी भी मैं अपने लंड के साथ खेले जा रहा था।
तभी 5 मिनट के बाद पापा रुक गए और मामी की चूत में से अपना लंड निकालकर थोड़ा साइड में लेट गए।
तो मुझे लगा कि दोनों का काम पूरा हो गया लेकिन दोनों में से किसी के भी झड़ने का तो पता नहीं चला।
और मैं सही था क्योंकि अभी तक किसी का भी पानी नहीं छूटा था।
अगर कुछ छूटा था तो वो था पसीना दोनों पसीने में भीगे हुए थे।
फिर मामी उठीं और एक रुमाल से अपना बदन साफ किया और वही रुमाल पापा को दे दिया।
तो पापा ने भी अपना बदन साफ करते हुए साइड टेबल पर पड़े जग से पानी पिया और थोड़ी देर चैन की सांस ली।
मामी बेड की तरफ वापस आ ही रही थीं कि पापा एक झटके से बेड से उठे और मामी के पास गए।
उन्हें जोर से किस किया और फिर वो दोनों जंगली जानवरों की तरह एक दूसरे के होंठ चूसने लगे।
तभी पापा ने मामी को जल्दी से पलटाया और अलमारी के सहारे खड़ा कर दिया।
और खुद नीचे घुटनों के बल बैठकर मामी की गांड फैलाई और चाटने लगे।
तभी मुझे पता चल रहा था कि सेक्स को लेकर मुझमें इतना असर क्यों है और मुझे लेडीज की गांड मारना इतना पसंद क्यों है क्योंकि यह असर शायद मेरे खून में ही है।
फिर पापा ने 5 मिनट मामी की गांड चाटी।
मामी अपनी गांड हिला हिलाकर पापा से चटवा रही थीं।
पापा बीच बीच में मामी की चूत में भी उंगली कर रहे थे।
पापा ने केवल 2 मिनट मामी की गांड में उंगली की और फिर खड़े होकर मामी को अलमारी की तरफ धक्का देकर बुरी तरह दबाया।
बार बार अपनी छाती को पीछे ले जाते और फिर मामी से टकराते जैसे चोदने के लिए धक्का मारते हैं वैसे ही।
लेकिन पापा मामी को चोद नहीं रहे थे इससे तो यह हो रहा था कि मामी के बूब्स अलमारी से टकरा कर दब रहे थे।
मामी के अलमारी से टकराने की बहुत जोर से आवाज हो रही थी।
फिर पापा अपने हाथ आगे ले गए और मामी के बूब्स पकड़ कर दबाने लगे।
और मामी की गांड में अपना लंड सेट करके धक्का देने लगे।
2-3 बार ट्राई करने पर जब लंड अंदर नहीं गया तो पापा ने मामी के बूब्स दबाना छोड़कर अपने हाथों से मामी की गांड फैलाई।
और अपना लंड सेट करके जोर से एक धक्का मारा।
तभी थोड़ा सा लंड अंदर चला गया और मामी की आह्ह उफ्फ निकल गई।
तो पापा ने फिर मामी के बूब्स पकड़ कर दबाने शुरू किए।
और उनकी गांड पर लंड को जोर से धक्का देने लगे।
जिससे पापा का पूरा का पूरा लंड सरककर अंदर चला गया।
पापा ने ऐसे ही 5-7 मिनट तक मामी के बूब्स दबाए और गांड मारी।
फिर कुछ देर धक्के देने के बाद पापा झड़ गए और मामी भी अब झड़ चुकी थीं।
फिर मामी पापा का लंड चूसने लगीं और फिर पापा जाकर बेड पर लेट गए।
तभी पापा बाथरूम आने के लिए उठे तो उस वक्त मेरी गांड फट गई थी।
लेकिन धन्यवाद मेरी मामी को उन्होंने पापा को अपनी तरफ खींचा और किसिंग शुरू कर दी।
और मैंने मौके का फायदा उठाया और जल्दी से बाथरूम से निकलकर नीचे चला गया।
फिर घर के बिल्कुल बाहर जाकर डोर बेल बजा दी।
तो मामी ने आकर गेट खोला और उन्हें गेट तक आने में 5 मिनट लगे।
मामी मैक्सी में थीं उनके बाल बिखरे हुए थे।
वो पसीने से पूरी गीली थीं और हांफ रही थीं।
लेकिन वो अपनी चुदाई से बहुत खुश थीं।
फिर मामी ने मुझे देखकर स्माइल पास की और इशारे में मुझसे पूछा कि क्यों सब देख लिया।
तो मैंने भी खुश होकर हां में सिर हिलाया और अंदर चला गया।
इसके बाद हम तीनों का रिश्ता और भी गहरा हो गया और प्रिया मामी कभी पापा के साथ कभी मेरे साथ चुदवाती रहती हैं।
दोस्तों ये थी मेरी असली जिंदगी की वो घटना जो मैंने आपको आज शेयर की है।
दोस्तों ये मेरी अपनी सच्ची रोमांटिक घटना है अगर आपको पसंद आई तो कमेंट करके जरूर बताना।