भाई की साली की नंगी चूत पहली बार फाड़ी
“जीजा साली की चुदाई” मेरी असली सच्ची कहानी है जिसे मैं हमेशा छुपाना चाहता था लेकिन आज दिल कर रहा है कि दुनिया को बताऊं। मैं भाई की ससुराल गया था तो वहां उसकी साली से पहली बार मुलाकात हुई। कुछ दिनों बाद उसके फोन आने से हमारी दोस्ती हो गई और फिर बातें इतनी गहरी हो गईं कि सेक्स की चर्चा भी होने लगी।
दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मैं लखनऊ से हूं।
मैं 28 साल का हूं।
मेरा लंड का साइज काफी अच्छा है।
यह 7.5 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है।
जो भी लड़की या भाभी एक बार मेरे लौड़े से चुद लेगी, मेरा दावा है कि वो इसे कभी नहीं भूलेगी।
यह पूरी कहानी उस वक्त की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था। जीजा साली की चुदाई
मुझे एक लड़की बहुत पसंद थी, उसका नाम रिया था।
रिया रिश्ते में मेरे भाई की साली थी लेकिन मैं इतना शर्मीला था कि दिल की बात कह नहीं पा रहा था।
एक बार मैं भाई की ससुराल गया।
वहां मुझे बहुत अच्छी खातिरदारी मिली और रिया से बात करने का अच्छा मौका मिल गया।
मुझे हाथ की रेखाएं और थोड़ी बहुत साइकोलॉजी देखना आता था तो इसी बहाने रिया से बात शुरू हुई।
धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं।
मैं भाई की ससुराल में दो दिन रहा और बहुत मजा आया।
लेकिन इतने अच्छे मौके पर भी मैं रिया से कुछ कह नहीं पाया।
रिया दिखने में बेहद खूबसूरत है।
उसके तीखे नैन-नक्श, लंबे बाल, गोल चेहरा और कामुक फिगर 34-28-36 का एकदम सेक्सी है।
सुडौल और बड़े-बड़े चुचे और उभरी हुई गांड इतनी कातिल हैं कि कोई एक बार देख ले तो लंड मसलने के बिना नहीं रह पाता।
दो दिन बाद मैं ससुराल से घर लौट आया और पढ़ाई में जुट गया।
फिर एक दिन अंजान नंबर से कॉल आई।
फोन उठाया तो यकीन नहीं हुआ, रिया की आवाज थी। जीजा साली की चुदाई
इसके बाद हमारी सामान्य बातें शुरू हुईं और धीरे-धीरे हम सहज होने लगे।
हम दोनों जवान थे तो जल्द ही सेक्सी बातें भी होने लगीं।
जब हम काफी खुल गए तो मैंने दिल की बात कह दी – मैं तुम्हें बहुत पसंद करता हूं।
वो भी मुझे पसंद करती थी तो उसने भी आई लव यू कह दिया।
अब दोनों के दिल में प्यार की लहरें उठने लगीं और वासना की आग भड़क चुकी थी।
हम मिलने की सोचने लगे लेकिन कोई जुगाड़ नहीं बन रहा था।
तभी मुझे आइडिया आया कि क्यों न हम दोनों किसी कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी करें और इसी बहाने मिलने का प्लान बनाएं।
यह अच्छा प्लान था तो हमने एक ही एग्जाम का फॉर्म भरा और एक ही शहर में सेंटर चुना।
एक महीने बाद एग्जाम की डेट आ गई। जीजा साली की चुदाई
जब भैया को पता चला तो उन्होंने ससुर जी से बात करके हमें साथ जाने की इजाजत दिला दी क्योंकि भैया को छुट्टी नहीं मिल रही थी और ससुराल में भी रिया के साथ कोई नहीं जा सकता था।
इस तरह हम दोनों को साथ जाने की परमिशन मिल गई।
शाम की ट्रेन थी।
हम ट्रेन से एग्जाम सेंटर पहुंचे और पास ही एक होटल में कमरा ले लिया ताकि सुबह आराम से एग्जाम दे सकें।
होटल पहुंचकर चेक-इन किया।
मैं फ्रेश होने बाथरूम में गया और बाहर आया।
तब तक रिया किताब निकालकर पढ़ने लगी थी।
फिर रिया ने अपने कपड़े निकाले और बाथरूम में चली गई।
करीब बीस मिनट बाद जब वो बाहर निकली तो मैं उसे देखता रह गया।
उसने सफेद कलर का ढीला टॉप पहना था और अंदर लाल ब्रा थी जो टॉप से झलक रही थी।
उसके चुचे बाहर आने को बेताब थे, नीचे गुलाबी लोअर में गांड इतनी उभरी हुई कि मन किया अभी पटक कर चोद दूं।
पर अभी सब्र करना था।
रिया ललचाती हुई बेड पर बैठ गई और हम बातें करने लगे।
मेरी नजर बार-बार उसके चुचों पर जा रही थी।
रिया मुस्कुराकर बोली – इतना ध्यान से क्या देख रहे हो?
मैं शर्मा कर बोला – कुछ नहीं!
रिया हंस दी।
वो मेरी फीलिंग समझ रही थी।
फिर अचानक रिया मेरे पास आई और गाल पर एक प्यारी सी चुम्मी दे दी।
चुम्मी देकर वो मुस्कुराती हुई बाथरूम में चली गई।
उसकी चुम्मी से मैं फूला नहीं समाया। जीजा साली की चुदाई
जैसे ही रिया बाहर निकली मैंने उसे बाहों में भर लिया। उसके मुलायम चुचे मेरी छाती पर दब रहे थे और गर्म सांसें गर्दन पर लग रही थीं।
मैंने उसे छोड़ा तो वो नशीली आंखों से देखने लगी।
मैं आगे बढ़ा और उसके रसीले होंठों पर किस करने लगा।
रिया पूरा साथ दे रही थी।
मैं उसके होंठ चूसने लगा और जीभ मुंह में डाल दी।
रिया मेरी जीभ बड़े मज से चूस रही थी।
एक हाथ से टॉप के ऊपर से चुचे दबा रहा था, दूसरे से गांड मसल रहा था।
जल्दी ही रिया मचलने लगी।
मैंने उसका टॉप उतार दिया।
लाल ब्रा में वो इतनी हॉट लग रही थी कि लंड फटने को था। मैं गर्दन पर किस करने लगा। जीजा साली की चुदाई
फिर उसे बेड पर लिटाया और गर्दन, कान पीछे, कंधों पर किस करने लगा।
रिया वासना में झुलस रही थी।
मैंने ब्रा भी उतार दी।
आह… रिया के कुंवारी गुलाबी चुचे सामने थे… मक्खन जैसे मुलायम।
मैंने दोनों चुचे पकड़ कर बारी-बारी चूसने लगा।
मैं पूरा मुंह में लेने की कोशिश कर रहा था लेकिन आधा ही आ पाता।
रिया की सिसकारियां गूंज रही थीं।
कभी निप्पल दांतों से काटता तो वो जोर से मचलती ‘आह्ह… अजय…!’
मैं काफी देर तक चुचे चूसता रहा और उसे पूरी तरह गर्म करता रहा।
फिर नीचे की तरफ बढ़ा, पेट चूमते हुए नाभि में जीभ डाली।
रिया ने कमर ऊपर उठाई। जीजा साली की चुदाई
‘उफ्फ्फ…’
नाभि में जीभ घुमाते हुए कमर पर किस कर रहा था तो वो मेरे बाल पकड़ कर नीचे धकेल रही थी।
मैं समझ गया कि वो चूत चटवाना चाहती है।
रिया से अब रहा नहीं जा रहा था।
मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था।
मेरा 7.5 इंच लंबा मोटा लंड भकभका रहा था।
मैंने रिया की लोअर उतारी और जांघें चूमने लगा।
जांघों से चूत के पास पहुंचा।
रिया मेरे सिर को जोर से दबा रही थी।
पैंटी उतार दी।
रिया की चूत क्लीन शेव थी।
उसने घर से निकलते पहले चूत साफ की थी, बाद में बताया।
मैं चूत पर किस करने लगा।
जीभ दाने पर फेरी तो रिया मचल उठी और सिर चूत में दबाने लगी। जीजा साली की चुदाई
मैं रुका नहीं।
चूत को देखकर फिर चाटने लगा।
काफी देर तक फांकें चूसता रहा।
रिया की सिसकारियां – आह्ह… अजय… प्लीज बस… अब क्या यही करते रहोगे?
वो इतनी गर्म थी कि मुझे ऊपर खींच रही थी।
मुझे उसे तड़पाने में मजा आ रहा था।
मैंने कहा – पहले मुझे नंगा करो मेरी जान!
रिया ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए।
शर्ट नोंच कर उतारी, लोअर हटाया।
अंडरवियर उतारते वक्त लंड रुकावट बना तो जोर से खींचा।
जैसे ही मेरा मोटा लंड देखा वो चौंक गई।
बोली – अरे बाप रे… इतना बड़ा? मैं नहीं ले पाऊंगी… मर जाऊंगी!
मैं हंसकर बोला – कुछ नहीं होगा, पहले मेरा लंड चूसो!
पहले मना किया लेकिन मैंने फिर चूत चाटी तो तड़प उठी।
वो इतनी गर्म थी कि गांड उठाकर लंड लेने की कोशिश करने लगी।
मैंने कहा – अब नहीं तड़पाऊंगा लेकिन पहले चूसो!
रिया झुककर लंड मुंह में ले लिया।
पहले हिचकिचाई फिर सपड़-सपड़ चूसने लगी जैसे सालों से भूखी हो।
मैंने चुचे मसलते कहा – चलो 69 में करते हैं।
वो समझ गई और मेरे ऊपर आ गई। जीजा साली की चुदाई
उसकी चूत मेरे मुंह पर थी और मेरा लंड उसके मुंह में।
हम दोनों एक साथ चूसने लगे।
मैं जीभ अंदर डालकर चूत चाट रहा था और वो लंड मुंह में लेकर गले तक ले रही थी।
ग्ग्ग्ग… गोंग… गीईई… की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।
रिया की चूत से रस बह रहा था जो मैं चाट रहा था।
काफी देर तक हम ऐसे ही रहे।
फिर रिया बोली – अब बस… मुझे चोद दो अजय… मैं और नहीं सह सकती।
मैंने उसे नीचे लिटाया और टांगें फैलाईं।
चूत गीली और खुली हुई थी।
मैंने लंड टोपा चूत पर रगड़ा।
रिया कांप उठी – आह्ह… धीरे… ये पहली बार है… डर लग रहा है।
मैंने कहा – डरो मत… मैं धीरे करूंगा। जीजा साली की चुदाई
धीरे से धक्का मारा।
टोपा अंदर गया तो रिया चीखी – आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द हो रहा है!
मैं रुका और चुचों को चूसने लगा ताकि वो रिलैक्स हो। जीजा साली की चुदाई
फिर धीरे-धीरे अंदर धकेला। jija sali sex
चूत टाइट थी, कुंवारी थी।
रिया रोने लगी – अजय… फट गई मैं… रुक जाओ!
मैंने कहा – बस थोड़ा और… फिर मजा आएगा।
मैंने पूरा लंड अंदर कर दिया।
रिया की आंखें बंद, दांत भींचे हुए।
मैंने कुछ देर रुककर फिर धीरे-धीरे चुदाई शुरू की।
ठप… ठप… ठप… की आवाज आने लगी।
धीरे-धीरे दर्द कम हुआ और रिया की सिसकारियां मजेदार हो गईं – आह्ह… अजय… अब अच्छा लग रहा है… और जोर से… चोदो मुझे!
मैंने स्पीड बढ़ाई। jija sali sex
चपचप… चपचप… जोर-जोर से पेलने लगा।
रिया की चूत ने लंड को कस लिया।
वो चिल्लाई – आह्ह… मैं झड़ रही हूं… ऊईईई…
उसका पहला ऑर्गेज्म आया, चूत से रस निकला।
मैं रुका नहीं, लगातार चोदता रहा।
रिया बार-बार झड़ रही थी।
मैंने पोजीशन बदली, डॉगी स्टाइल में किया।
उसकी गांड ऊपर करके जोर से पेला।
ठपठप ठपठप… कमरे में आवाजें गूंज रही थीं।
रिया चिल्ला रही थी – हां अजय… फाड़ दो मेरी चूत… मैं तेरी चुदक्कड़ हूं… चोदते रहो!
मैंने काफी देर तक चोदा।
अंत में मैं भी झड़ने लगा। jija sali sex
रिया बोली – अंदर मत छोड़ना… बाहर…
मैंने लंड निकालकर उसके पेट पर झड़ दिया।
हम दोनों हांफते हुए लेट गए।
रिया ने मुझे गले लगाया और बोली – थैंक यू अजय… आज का दिन कभी नहीं भूलूंगी।
उस रात हम कई बार चुदाई करते रहे।
सुबह एग्जाम दिया लेकिन दिमाग में सिर्फ रिया की नंगी चूत घूम रही थी।
अब हमारी मुलाकातें बढ़ गई हैं और हर बार नई चुदाई का मजा लेते हैं।
यह मेरी असली jija sali sex कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”