पड़ोसन की चूत का खून – my hidden truth

दोस्तों “पड़ोसन की चूत का खून” ये  मेरी असली सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा से दिल में छुपाए रखना चाहता था लेकिन आज दिल की बात निकल ही गई। xxx देसी हिंदी सेक्स कहानी शुरू होती है जब मेरे पड़ोस में एक नई लड़की रहने आई।

हैलो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और ये मेरी कामुकता वाली पहली घटना है मैं उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला हूं और मैं अपना छोटा व्यापार करता हूं मेरी हाइट 5.8 इंच है और मेरी उम्र 25 साल कलर साफ और दिखने में एकदम मस्त और मेरा लंड का साइज 8 इंच और मोटाई 3 इंच है। पड़ोसन की चूत का खून

दोस्तों ये घटना मेरे पड़ोसन के साथ मेरे अफेयर की है कैसे मैंने उसे अपना बनाया और ये बात तब की है जब वो हमारे घर के पास वाले मकान में किराए पर रहने आई थी दोस्तों मैं ज्यादातर समय अपने काम से बाहर ही रहता हूं करीब सुबह से शाम तक और इसलिए पहले तो मेरा उससे कोई सामना नहीं था ।

लेकिन एक दिन वो हमारे घर पर किसी काम से आई तो मैं उसे देखता ही रह गया यारों मेरे तो उसे देखते ही होश ही उड़ गए और मेरा लंड तो उसे देखते ही एकदम तनकर खड़ा हो गया क्योंकि उस समय वो क्या सेक्सी लग रही थी और उसके बूब्स 34 साइज के जैसे कोई रस भरे आम हों और उसके फिगर का साइज 34-28-34 और नाम बदला हुआ रिया और बस मैं उसे एक नजर से देखता ही रह गया।

फिर वो कुछ देर बाद अपना काम खत्म करके चली गई लेकिन वो अपने साथ मुझे भी ले गई मैं उसके सपनों में खो गया और वहीं पर खड़े खड़े उसकी चुदाई के सपने देखने लगा और उसके जाने के कुछ देर बाद मैं अपने होश में आया उसके घर पर उसकी मां उसके पापा और उसका एक छोटा भाई रहता था। पड़ोसन की चूत का खून

लेकिन अब मैं उसे पाने के लिए रोज उससे मिलने के मौके खोजने लगा फिर बहुत मेहनत करने के बाद भी मुझे कोई मौका नहीं मिला फिर एक दिन जब वो दोपहर के समय अपनी छत पर कपड़े सुखाने आई तो मैं भी उससे बात करने के लिए अपनी छत पर चला गया और मैंने वहां पर मौका देखकर उससे पूछा कि तुम क्या करती हो।

तो उसने मुझे बताया कि वो अभी पढ़ाई कर रही है और फिर मैंने उससे इधर उधर की हंसी मजाक की बातें शुरू कर दी और वो मेरी बातें सुनकर जोर जोर से हंसकर जवाब दे रही थी और इस तरह उस दिन से हमारी बातों का सिलसिला शुरू हो गया और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी और इसलिए मैं उससे रोज बातें करने लगा।

फिर एक दिन बातों ही बातों मैंने उससे उसका मोबाइल नंबर मांगा और उसने भी बिना किसी परेशानी के मुझे अपना नंबर दे दिया और फिर मैं उसे पहले अच्छे अच्छे मैसेज करने लगा और वो भी मेरे हर एक मैसेज का लगातार जवाब देने लगी ।   पड़ोसन की चूत का खून

और इस तरह हम दोनों की दोस्ती धीरे धीरे पक्की होने लगी और फिर कुछ दिन बाद हमारी बातें सेक्स में बदलने लगी और हम दोनों फोन पर ही सेक्स करने लगे और कभी कभी हम रात को छत पर भी मिलने लगे और एक दूसरे को किस किया करते और कुछ समय एक दूसरे की बाहों में एक साथ बिताकर नीचे चले जाते थे।पड़ोसन की चूत का खून

लेकिन अब हम दोनों सेक्स के लिए तड़पने लगे और एक दिन हमें वो अच्छा मौका मिल ही गया जिसका हम बहुत इंतजार कर रहे थे दोस्तों  उस दिन उसके घर वाले दो दिन के लिए बाहर जा रहे थे तभी उसने मुझसे बोला कि मैं आज रात को उसके घर पर आ जाऊं और फिर मैं रात का बहुत बेसब्री से इंतजार करने लगा फिर जब रात हुई तो मैं अपनी छत से उसके घर पर रात के 10 बजे चला गया मैंने वहां पर पहुंचकर देखा कि वो घर पर एकदम अकेली थी और खाना खा रही थी ।

तो मैंने जाते ही उसे पीछे से पकड़ लिया और उसे किस करने लगा मैंने उसे 5-7 मिनट तक लगातार किस किया और उसके बाद उसे अपनी गोद में उठाकर पास वाले रूम में लेकर चला गया और उसे बेड पर लेटा दिया और उसके बाद उसके टॉप में हाथ डाल दिया उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा उसके बूब्स बड़े ही मुलायम थे और मैं जोर जोर से पूरे जोश से उसके बूब्स को दबाने लगा और फिर कुछ देर बाद वो सिसकियां लेती हुई मेरा साथ देने लगी। पड़ोसन की चूत का खून

फिर मैंने उसके बूब्स को ब्रा से बाहर निकाला और निप्पल को अपनी उंगली में लेकर मसलने लगा और अब धीरे धीरे उसकी हालत खराब हो रही थी और वो आहह औऊउ उफफफफ्फ माँ मरी थोड़ा धीरे करो अह्ह्ह कर रही थी मैंने उसके बूब्स को चूसने लगा और वो जोर जोर से मोन करने लगी मैं उसे किस कर रहा था और बूब्स को चूस रहा था और वो बार बार आहह उफफफ्फ ह्म्‍म्म्म उईईइई माँ प्लीज थोड़ा धीरे खींचो मेरे बूब्स को बोले जा रही थी और मैं उसके बूब्स को चूस चूसकर लाल कर रहा था ।

फिर मैंने उसकी जीन्स का बटन खोला और अपना हाथ नीचे ले जाते हुए उसकी चूत पर ले गया और फिर मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी और मैं उसकी चूत पर अपनी उंगली घुमाने लगा और उसकी चूत के दाने को जोर से हिलाने लगा और इस बीच उसने मुझे मेरे कान पर होंठ पर बहुत जोर से ऐसे काटा कि वहां पर खून आने लगा और वो अपना एक हाथ मेरी पीठ पर ले जाकर नाखून मारने लगी उसके नाखूनों के निशान मेरी कमर पर दिखने लगे। पड़ोसन की चूत का खून

फिर मैं उसे चूमते चाटते हुए धीरे धीरे नीचे आने लगा और उसकी एकदम गहरी सुंदर नाभि पर किस करने लगा वो और गरम होकर बेचैन होने लगी और मैं उसे चूमते हुए एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था उसके बूब्स एकदम टाइट हो गए थे और वो बार बार मोन कर रही थी फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और देखकर दंग रह गया छोटी सी चूत और उस पर एक भी बाल नहीं था । पड़ोसन की चूत का खून

और मैंने उसकी चूत की खुशबू ली और उसे चूसने लगा वो जोर जोर से मोन करने लगी एयाया अफउईईइइ माँ अह्ह्ह छोड़ो मुझे और मैं उसकी चूत के दाने को जोर जोर से चूसता रहा और उसे काट भी लेता और वो छोड़ दो मैं मर जाऊंगी उफ्फफ या हमा उूउउ फिर मैं उसकी चूत में उंगली डालकर चोदने लगा उसकी चूत बहुत टाइट थी और बड़ी मुश्किल से मेरी बीच की उंगली उसके अंदर जा पा रही थी फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था मैंने उसे पलंग पर लिटाया और अपने लंड को उसके मुंह के पास ले गया वो पहले शर्मा रही थी लेकिन फिर मेरे कहने पर उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया । पड़ोसन की चूत का खून

और चूसने लगी मैं उसके बाल पकड़कर उसके मुंह में लंड धकेलने लगा वो गला खराब होने लगी लेकिन वो चूसती रही मैंने उसे काफी देर तक मुंह में चोदते हुए मजा लिया फिर मैंने उसे पलंग पर लिटाया और उसके पैर फैलाकर अपनी जगह बना ली मेरा लंड उसकी चूत के मुंह पर रगड़ने लगा वो तड़पने लगी और बोली जल्दी डालो ना मैंने अपना लंड उसके चूत के छेद पर रखा और धीरे से दबाया लेकिन उसकी चूत बहुत टाइट थी।

पहले तो मुश्किल हुई लेकिन फिर एक जोर का धक्का देकर आधा लंड अंदर चला गया वो चीख पड़ी अह्ह्ह माँ मार डाला बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मैं रुका नहीं और पूरा लंड उसके अंदर ठेल दिया उसकी चूत का खून निकलने लगा लेकिन वो अब दर्द के साथ मजा भी ले रही थी मैंने धीरे धीरे चोदना शुरू किया वो अब आह्ह उफ्फफ कर रही थी फिर मैंने स्पीड बढ़ाई और जोर जोर से उसकी चूत चोदने लगा वो मेरी पीठ पर नाखून गाड़ रही थी और चोदते चोदते मैंने उसे कई बार चोदा वो कई बार झड़ चुकी थी मैं भी अंत में उसके अंदर झड़ गया। पड़ोसन की चूत का खून

इसके बाद हम दोनों थककर लेट गए लेकिन रात भर हमने कई बार चुदाई की सुबह होने तक उसकी चूत लाल हो गई थी और मेरा लंड भी थक गया था लेकिन हम दोनों बहुत खुश थे ये मेरी पड़ोसन रिया के साथ पहली चुदाई थी जिसने उसकी चूत का खून निकाल दिया था बाद में हमारी ये चुदाई कई बार जारी रही कभी छत पर कभी उसके घर पर और कभी होटल में हम दोनों एक दूसरे को पूरी तरह चोदते और चुदवाती रहे वो एकदम चुदक्कड़ बन गई थी और मुझे चुदवाने में पूरा मजा आने लगा थी। पड़ोसन की चूत का खून

दोस्तों ये थी मेरी पड़ोसन की चूत का खून वाली असली घटना अगर आपको पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना और ऐसी और xxx भाभी चुदाई कहानी या अन्य कहानियों के लिए बने रहना। पड़ोसन की चूत का खून

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