दोस्तो, डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई, ये मेरी वो असली सच्ची घटना है जिसे मैं काफी समय से अपने दिल में छिपाकर रखना चाहता था लेकिन आज मैं आपको अपनी देसी हिंदी सेक्स कहानी बता रहा हूं जो मेरी वाइफ सेक्स कहानी भी है।
आदमी की नीयत औरत के प्रति हमेशा खराब ही रहती है दोस्तो। आपने सुना ही होगा कि एक औरत आदमी से बहुत कुछ चाहती है पर आदमी हर औरत से सिर्फ एक ही चीज चाहता है और वो है चुदाई। पर अगर औरत को एक से ज्यादा लंड का मजा मिल जाए तो फिर औरत का मन भी हमेशा नए नए लंड को देखने को करने लगता है। जैसे लड़के आती लड़की की चूचियों और जाती लड़की की गांड पर नजर गड़ाए रहते हैं वैसे ही औरत भी आदमी की पैंट में छुपे लंड को मापने की कोशिश में रहती है।
तीन लंड अब तक मेरी चूत और गांड का भेदन कर चुके थे। इन तीन लंडों से चुद चुद कर मैं अब पूरी चुदक्कड़ बन चुकी थी। मेरी नजर भी अब पैंट में छुपे लंडों का जायजा लेने लगी थी। लगभग हर समय मैं चुदास से भरी रहती थी। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
इसी दौरान मैं गर्भवती हो गई। मेरी खुशी का ठिकाना ना रहा। पहली बार मां बनने का एहसास क्या होता है यह लिख कर बताना बहुत मुश्किल है। अभी गर्भ 3 महीने का ही था कि मुझे कुछ तकलीफ हुई तो मैं एक डॉक्टर के पास अपना चेक अप करवाने के लिए गई। पति राज भी साथ में ही थे।
डॉक्टर ने चेक अप करने के बाद कहा कि अब मुझे सेक्स नहीं करना चाहिए नहीं तो होने वाले बच्चे के लिए ठीक नहीं होगा।
और फिर उसी दिन से मेरी चुदाई बंद हो गई। कोई भी मां अपने बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है।
चुदाई बंद हो गई पर चुदवाने की तमन्ना तो कम नहीं हुई थी। मैं अक्सर चुदाई के लिए बेचैन हो उठती थी पर कुछ कर नहीं सकती थी। पति राज भी अब मुझ से दूर दूर ही रहते क्योंकि पास आने पर चुदाई से अपने आप को रोक पाना शायद दोनों के लिए मुश्किल होता। पति राज मेरा पूरा ख्याल रखते थे। महीने में दो बार डॉक्टर ने चेक अप के लिए कहा था तो वो मुझे याद से डॉक्टर के पास ले जाते थे। लगभग 3 महीने और बीत गए। मेरा पेट दिखने लगा था अब। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
एक दिन की बात है।
पति राज किसी काम से शहर से बाहर थे और मुझे डॉक्टर के पास चेक अप के लिए जाना था। पति राज नहीं थे तो मैं पड़ोस की एक लड़की को साथ लेकर डॉक्टर के पास चली गई। डॉक्टर ने करीब आधे घंटे बाद मुझे केबिन में बुलाया। मैं अकेली ही अंदर चली गई। हर बार डॉक्टर मेरा बी पी वगैरा ही चेक करता था पर आज उसने मुझे स्ट्रेचर पर लेटने के लिए बोला और फिर पर्दा लगा कर मेरा पेट जांचने लगा। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
डॉक्टर ने कहा शालिनी जी अगर आपको ऐतराज ना हो तो मुझे आपके कपड़ों के अंदर के हिस्से को चेक करना पड़ेगा। मेरा मतलब समझ रही हैं ना आप।
मैं थोड़ा घबराई पर फिर सोचा कि यह कौन सा मुझे चोद देगा इस हालत में और मैंने हां कर दी।
मेरी हां मिलते ही डॉक्टर ने मेरी साड़ी और पेटीकोट को ऊपर उठा कर मेरे पेट पर कर दिया। मैंने पैंटी नहीं पहनी हुई थी तो मेरी नंगी चूत अब डॉक्टर के सामने थी। डॉक्टर मेरी टांगों के बीच आ गया और अपने औजारों से मेरी चूत को फैला कर अंदर से चेक करने लगा।
डॉक्टर के बारे में थोड़ा बता दूं। वो करीब 40-45 साल का तंदरुस्त शरीर वाला इंसान था। यह सोच कर ही मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी थी कि मैं बहुत दिनों के बाद आज फिर से एक पराए मर्द के सामने अपनी चूत नंगी किए पड़ी थी। पर आज कुछ हो नहीं सकता था। डॉक्टर पहले तो अपने औजारों से चेक अप करता रहा और फिर उसने पहली बार अपनी उंगली से मेरी चूत को छुआ तो मेरी आह निकल गई। डॉक्टर ने भी मेरी आह सुन ली थी तभी तो वो अब थोड़ा दबाव के साथ उंगली से मेरी चूत को सहला रहा था।
कुछ देर ऐसे ही सहलाने के बाद उसने अपनी पहले एक और फिर दो उंगलियां मेरी चूत की गहराई में उतार दी। मैं तो मस्ती के मारे तड़प उठी थी। मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही थी। करीब 10 मिनट तक डॉक्टर मेरी चूत को अपनी उंगलियों से सहलाता रहा और फिर अपने औजार उठा कर अपनी मेरी तरफ आया और मुझ से बात करने लगा। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
डॉक्टर ने कहा शालिनी जी मैंने आपका चेक अप कर लिया है सब कुछ ठीक है और आगे भी अगर सब ठीक रहा तो आप निश्चित रूप से एक स्वस्थ और सुंदर बच्चे को जन्म देंगी।
मेरी साड़ी अभी भी वैसे ही मेरे पेट पर पड़ी थी तो डॉक्टर ने मेरी साड़ी को पकड़ कर नीचे कर दिया और मेरे पेट को सहलाने लगा। मैंने स्ट्रेचर को दोनों हाथ से पकड़ा हुआ था और जब डॉक्टर मेरे पेट का निरीक्षण करने लगा तो डॉक्टर का लंड मेरे हाथ से टकराया। तभी मेरी नजर डॉक्टर की पैंट पर गई तो मेरे दिल में गुदगुदी सी होने लगी। पैंट का अगला भाग बिल्कुल कसा हुआ था उसमें से मोटे से लंड का स्पष्ट अहसास हो रहा था। मेरे दिल की धड़कन राजधानी एक्सप्रेस हो गई थी।
मुझे लगा कि शायद डॉक्टर जानबूझ कर अपना लंड मेरे हाथ से रगड़ रहा है। चूत में उंगली से मैं तो पहले ही बेचैन थी और अब लंड के स्पर्श से मेरी हालत खराब होने लगी थी। डॉक्टर करीब दो तीन मिनट तक लंड को मेरे हाथ पर रगड़ता रहा। अब मुझ से सब्र नहीं हो रहा था। दिल कर रहा था कि लंड को अपने हाथ में पकड़ कर मसल डालूं उसको पकड़ कर अपने मुंह में लेकर चूस डालूं। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
डॉक्टर का लंड भी अब पूरा तन चुका था।
तभी डॉक्टर ने मेरे पेट को एक जगह से दबाया तो मुझे दर्द हुआ। मैंने दर्द भरी आह भरते हुए स्ट्रेचर को छोड़ कर डॉक्टर का लंड अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया और फिर डॉक्टर की भी आह निकल गई।
डॉक्टर ने अब मेरी चूचियों को दबा कर देखा। मेरी चूचियां तन चुकी थी और डॉक्टर का हाथ अब मेरे अंदर मस्ती भर रहा था। अब मैंने शर्म छोड़ कर डॉक्टर का लंड अपने हाथ में पकड़ लिया था और उसको मसलने लगी। डॉक्टर मेरी चूचियां दबा रहा था और मैं डॉक्टर का लंड। दोनों मस्ती के आगोश में खो से गए थे।
कुछ देर ऐसे ही मस्ती में डूबे रहने के बाद डॉक्टर ने मेरी चूचियों को और जोर से दबाया और मेरी चूत में अपनी उंगलियां तेजी से अंदर बाहर करने लगा। मैं तड़प रही थी और मेरी सांसें तेज हो रही थीं। मैंने डॉक्टर का लंड और जोर से पकड़ लिया और उसे ऊपर नीचे करने लगी। डॉक्टर की आहें निकल रही थीं और वो भी पूरी तरह उत्तेजित हो चुका था।
मैंने डॉक्टर से कहा कि अब रुकिए मत डॉक्टर साहब मैं बहुत दिनों से चुदाई के लिए तरस रही हूं। डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप गर्भवती हैं फिर भी इतनी चुदक्कड़ हो। मैंने कहा हां मैं चुदक्कड़ हूं और आज आप मुझे चोद कर ही छोड़ना। डॉक्टर ने मेरी साड़ी पूरी तरह हटा दी और अपनी पैंट उतार कर अपना मोटा लंड बाहर निकाल लिया। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
उसने मेरी टांगें फैला कर अपनी जगह पर आ गया और अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगा। मैं बेचैनी से कराह रही थी। फिर उसने धीरे से अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया। चूंकि मैं गर्भवती थी तो वो बहुत सावधानी से चोद रहा था लेकिन फिर भी चुदाई का मजा आ रहा था। मैं डॉक्टर की कमर पकड़ कर उसे और अंदर खींच रही थी।
डॉक्टर लंड को मेरी चूत में पूरा डाल कर चोदते हुए मेरी चूचियों को चूस रहा था। मैं चीख रही थी मस्ती में और कह रही थी चोदो मुझे जोर से चोदो। डॉक्टर तेजी से चोद रहा था और मेरी चूत पूरी तरह भीग चुकी थी। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे लेकिन चुदाई जारी थी। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
करीब 20 मिनट तक वो मुझे चोदता रहा और फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल कर मेरे मुंह में डाल दिया। मैंने उसे पूरा चूस लिया और वो मेरे मुंह में ही झड़ गया। मैंने सारा वीर्य पी लिया।
डॉक्टर ने मेरी चूत को फिर से उंगलियों से सहलाया और मैं भी एक बार और झड़ गई। हम दोनों थक चुके थे लेकिन खुश थे। डॉक्टर ने कहा कि अगली बार चेक अप पर अकेली आना। मैंने हां कहा और कपड़े ठीक किए। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई
इस घटना के बाद मैं डॉक्टर के पास चेक अप के नाम पर कई बार गई और हर बार हमारी चुदाई होती रही। मेरी गर्भावस्था के बावजूद हमारी चुदाई जारी रही और मुझे बहुत मजा आया।
दोस्तो ये मेरी अपनी सच्ची रोमांटिक घटना है अगर आपको पसंद आई तो कमेंट करके जरूर बताना। डॉक्टर संग मस्ती भरी चुदाई